भारत-कनाडा रिश्तों में नई शुरुआत: आखिर क्यों अचानक भारत के करीब आ रहा है कनाडा?

कनाडा के पीएम के साथ पीयूष गोयल की मुलाकात की तस्वीर

भारत कनाडा व्यापार समझौता: क्यों भारत पर बड़ा दांव लगा रहा है कनाडा? ओटावा, कनाडा: भारत और कनाडा के रिश्ते अब सिर्फ पुराने तनाव से बाहर निकलने की कोशिश नहीं कर रहे, बल्कि दोनों देश एक बड़े आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी मॉडल की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं। खास बात यह है कि अब … Read more

अमेरिका-ईरान बातचीत के बीच रोड़ा बना ‘हॉर्मुज टोल विवाद’

हॉर्मुज टोल विवाद ईरान और अमेरिका की बातचीत में रोड़ा बना है

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में ‘हॉर्मुज टोल विवाद’ इस समय सबसे बड़ी रुकावट बनकर सामने आ रहा है। दोनों देशों के बीच यूरेनियम संवर्धन (uranium enrichment), पाबंदियों (sanctions) से राहत और खाड़ी में समुद्री सुरक्षा को लेकर पहले से ही काफी मतभेद थे, और अब इस नए विवाद ने खाई को … Read more

क्या है रूस का न्यूक्लियर ड्रील, क्यों यह रणनीतिक संदेश है और इसका नाटो पर क्या असर पड़ेगा

रूस का न्यूक्लियर ड्रील, क्या नाटो के लिए चिंता की बात...एक सबमरीन की तस्वीर पानी के अंदर

रूस ने मई 2026 में बड़ा न्यूक्लियर सैन्य अभ्यास शुरू किया है जिसमें मिसाइल सिस्टम, पनडुब्बियां, बॉम्बर्स और बेलारूस समन्वय शामिल है। जानिए इसका नाटो और यूरोप पर क्या असर पड़ सकता है।

पूरब में अंडमान, तो पश्चिम में ‘अगालेगा’: मॉरीशस में भारत का सीक्रेट मिलिट्री बेस (Explained)

मॉरीशस के उत्तरी अगालेगा द्वीप पर भारत द्वारा नवनिर्मित 3,000 मीटर की हवाई पट्टी और नेवल जेटी, जो पश्चिमी हिंद महासागर में भारतीय नौसेना की पहुँच को बढ़ाती है।

पूरब में अंडमान की अंडरवाटर वॉल के बाद, अब भारत ने पश्चिम में मॉरीशस के ‘अगालेगा द्वीप’ को एक अभेद्य ‘लिसनिंग पोस्ट’ में बदल दिया है। जानिए 3000 मीटर के इस नए रनवे और नेवल जेटी की इनसाइड स्टोरी।

अंडमान में भारत की ‘अंडरवाटर वॉल’: जानिए क्या है SOSUS नेटवर्क, जिससे खौफ खाती हैं चीनी पनडुब्बियां? (Explained)

अंडमान अंडरवाटर वॉल : A highly detailed 3D geopolitical illustration depicting India's SOSUS 'Underwater Wall' in the Andaman Sea. The image shows a glowing blue underwater sensor network (hydrophone array) on the seabed detecting a stealthy red Chinese submarine. Above the surface, the Indian Navy's P-8I maritime patrol aircraft and a stealth frigate are actively monitoring the threat. Indian and Chinese flags are shown clashing in the background, symbolizing the maritime standoff. Feature image for The Eastern Strategist."

चीन की परमाणु पनडुब्बियों को मलक्का में ही घेरने के लिए भारत ने अंडमान सागर में एक अभेद्य ‘अंडरवाटर वॉल’ (SOSUS) तैयार कर ली है। जानिए समंदर के नीचे बिछा यह ‘फिश हुक’ सेंसर नेटवर्क कैसे काम करता है और क्यों इससे ड्रैगन खौफ में है।

काकेशस का शतरंज: आर्मेनिया को हथियार देकर ‘तुर्की-पाक-अज़रबैजान’ की तिकड़ी को कैसे तोड़ रहा है भारत?

भारत-आर्मेनिया रक्षा डील

दुनिया का ध्यान जब रूस-यूक्रेन या इज़रायल-हमास युद्ध पर है, तब भारत से करीब 4000 किलोमीटर दूर ‘काकेशस’ की पहाड़ियों में एक बहुत बड़ा भू-राजनीतिक खेल चल रहा है।

एक्सप्लेनर: लाल सागर के तनाव के बीच कैसे भारत पश्चिमी हिंद महासागर का नया ‘सिक्योरिटी बॉस’ बन रहा है?

3 indian warships docked on port, a representation of indian naval power

पश्चिमी हिंद महासागर को अपना नया ‘सिक्योरिटी बॉस’ मिल गया है, और वह बॉस बिना किसी शोर-शराबे के, पूरी दृढ़ता से अपना काम कर रहा है।

होर्मुज तनाव के बीच भारत ने ईंधन और एलपीजी आपूर्ति पर दिया बड़ा अपडेट

Cargo ships and oil tankers on the Bosporus strait, capturing global trade and maritime logistics at sunset.

होर्मुज तनाव के बीच भारत सरकार ने ईंधन, एलपीजी, रिफाइनरी संचालन, भारतीय नाविकों और ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा अपडेट जारी किया है। सरकार ने नागरिकों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी न करने की अपील की है।

पेंटागन ईमेल से NATO में दरार: ईरान युद्ध पर साथ न देने से स्पेन पर क्यों भड़का अमेरिका?

पेंटागन ईमेल लीक: ईरान युद्ध ने NATO के भीतर भरोसे की दीवार कैसे हिला दी

पेंटागन के एक आंतरिक ईमेल ने NATO के भीतर ईरान युद्ध को लेकर बढ़ती दरार को उजागर कर दिया है। अमेरिका स्पेन सहित उन सहयोगियों से नाराज है, जिन्होंने ईरान युद्ध में bases, airspace और सैन्य सहयोग देने से हिचक दिखाई। यह विवाद अब केवल स्पेन या Hormuz तक सीमित नहीं, बल्कि NATO में भरोसे, Article 5 और अमेरिका-यूरोप संबंधों की नई परीक्षा बन गया है।

सिर्फ एचएएल-बीडीएल नहीं: भारत की डिफेंस ताकत के पीछे काम कर रहीं छुपी कंपनियां

छुपी भारतीय डिफेंस कम्पनियां

भारत की डिफेंस कहानी अब सिर्फ एचएएल, बीईएल और बीडीएल तक सीमित नहीं है। बड़ी सरकारी कंपनियों के पीछे अब निजी क्षेत्र की एक नई परत भी उभर रही है, जो मिसाइल इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑप्टिक्स, कंट्रोल सिस्टम, प्रिसिजन इंजीनियरिंग और दूसरे अहम पुर्जों पर काम कर रही है। ये भारत की छुपी डिफेंस कंपनियां हैं, जिन … Read more