हिंद महासागर का वो वीरान द्वीप, जहां भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर तैयार कर रहे हैं नया चक्रव्यूह
समंदर के नीचे का रास्ता चीन की न्यूक्लियर पनडुब्बियां जब हिंद महासागर में घुसने की कोशिश करती हैं, तो वो मलक्का से कतराती हैं।
समंदर के नीचे का रास्ता चीन की न्यूक्लियर पनडुब्बियां जब हिंद महासागर में घुसने की कोशिश करती हैं, तो वो मलक्का से कतराती हैं।
वैश्विक महाशक्तियां अब समंदर की 6000 मीटर गहराई में छिपे ‘सफेद सोने’ (पॉलीमेटैलिक नोड्यूल्स) पर कब्ज़ा करने के लिए आमने-सामने हैं। जानिए 2026 में भारत का ‘समुद्रयान’ (मत्स्य 6000) मिशन कैसे हिंद महासागर में चीन की आक्रामक चालों का गेम ओवर करने वाला है।
पूरब में अंडमान की अंडरवाटर वॉल के बाद, अब भारत ने पश्चिम में मॉरीशस के ‘अगालेगा द्वीप’ को एक अभेद्य ‘लिसनिंग पोस्ट’ में बदल दिया है। जानिए 3000 मीटर के इस नए रनवे और नेवल जेटी की इनसाइड स्टोरी।
चीन की परमाणु पनडुब्बियों को मलक्का में ही घेरने के लिए भारत ने अंडमान सागर में एक अभेद्य ‘अंडरवाटर वॉल’ (SOSUS) तैयार कर ली है। जानिए समंदर के नीचे बिछा यह ‘फिश हुक’ सेंसर नेटवर्क कैसे काम करता है और क्यों इससे ड्रैगन खौफ में है।
दुनिया का ध्यान जब रूस-यूक्रेन या इज़रायल-हमास युद्ध पर है, तब भारत से करीब 4000 किलोमीटर दूर ‘काकेशस’ की पहाड़ियों में एक बहुत बड़ा भू-राजनीतिक खेल चल रहा है।
पश्चिमी हिंद महासागर को अपना नया ‘सिक्योरिटी बॉस’ मिल गया है, और वह बॉस बिना किसी शोर-शराबे के, पूरी दृढ़ता से अपना काम कर रहा है।
तमिलनाडु की राजनीति में 4 मई 2026 का जनादेश केवल एक चुनावी उलटफेर नहीं है, बल्कि यह दक्षिण भारत की राजनीति में एक ऐतिहासिक संरचनात्मक बदलाव (structural shift) का प्रतीक है।
मिशन दृष्टि सैटेलाइट से भारत के प्राइवेट सेक्टर ने अंतरिक्ष में बड़ी छलांग लगाई है…पहले जब भी स्पेस की बात होती थी तो सबसे पहले इसरो (ISRO) का नाम आता था लेकिन मिशन दृष्टि के साथ तस्वीर बदलती नजर आ रही है। पहली बार किसी भारतीय स्टार्टअप ने ऐसा सैटेलाइट तैयार किया है जो दिन-रात और हर मौसम में पृथ्वी की निगरानी कर सकता है।
अमेरिका यह संदेश दे रहा है कि वह ‘रेड लाइन’ क्रॉस करने को तैयार है। जिओपॉलिटिक्स में ऐसी सिग्नलिंग का असर अक्सर घातक होता है
महेंद्रगिरी प्रोजेक्ट 17ए के तहत बना सातवाँ और आखिरी स्टील्थ फ्रिगेट है। “स्टील्थ” मतलब? — दुश्मन के रडार को चकमा देने वाला जहाज। यह इतनी चालाकी से बना है कि समुद्र में होते हुए भी रडार पर बड़ी मुश्किल से दिखता है।