सर क्रीक का नया किला: कैसे भारत पश्चिमी सीमा पर बना रहा है ‘लीक-प्रूफ सुरक्षा ग्रिड’

sir creek security grid:अमित शाह का भुज दौरा, सर क्रीक की सुरक्षा का जायजा, बीएसएफ के साथ अमित शाह की बैठक, हरामी नाला पर सिक्योरिटी अपग्रेड

अपडेट: 30 मई 2026 | रात 9:42 बजे (भारतीय समय) क्या भारत सर क्रीक को एक उच्च-तकनीकी सुरक्षा क्षेत्र में बदल रहा है? हाँ। 30 मई 2026 को गुजरात के भुज में हुई उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा और नई बीएसएफ अवसंरचना परियोजनाओं के बाद केंद्र सरकार सर क्रीक और हरामी नाला क्षेत्र को ड्रोन, रडार, तकनीकी … Read more

भारत-कनाडा रिश्तों में नई शुरुआत: आखिर क्यों अचानक भारत के करीब आ रहा है कनाडा?

कनाडा के पीएम के साथ पीयूष गोयल की मुलाकात की तस्वीर

भारत कनाडा व्यापार समझौता: क्यों भारत पर बड़ा दांव लगा रहा है कनाडा? ओटावा, कनाडा: भारत और कनाडा के रिश्ते अब सिर्फ पुराने तनाव से बाहर निकलने की कोशिश नहीं कर रहे, बल्कि दोनों देश एक बड़े आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी मॉडल की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं। खास बात यह है कि अब … Read more

रूस-यूक्रेन युद्ध फिर क्यों भड़क गया?

रूस-यूक्रेन युद्ध फिर क्यों भड़क गया?

‘ओरेशनिक’ मिसाइल, टूटती बातचीत और दुनिया के लिए बढ़ता खतरा चार साल से चल रहा रूस-यूक्रेन युद्ध 2026 में फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। रूस ने हाल के दिनों में यूक्रेन पर सैकड़ों ड्रोन और दर्जनों मिसाइलों से बड़ा हमला किया। इन हमलों में “ओरेशनिक” हाइपरसोनिक मिसाइल के इस्तेमाल की खबर ने … Read more

अमेरिका-ईरान बातचीत के बीच रोड़ा बना ‘हॉर्मुज टोल विवाद’

हॉर्मुज टोल विवाद ईरान और अमेरिका की बातचीत में रोड़ा बना है

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में ‘हॉर्मुज टोल विवाद’ इस समय सबसे बड़ी रुकावट बनकर सामने आ रहा है। दोनों देशों के बीच यूरेनियम संवर्धन (uranium enrichment), पाबंदियों (sanctions) से राहत और खाड़ी में समुद्री सुरक्षा को लेकर पहले से ही काफी मतभेद थे, और अब इस नए विवाद ने खाई को … Read more

क्या है रूस का न्यूक्लियर ड्रील, क्यों यह रणनीतिक संदेश है और इसका नाटो पर क्या असर पड़ेगा

रूस का न्यूक्लियर ड्रील, क्या नाटो के लिए चिंता की बात...एक सबमरीन की तस्वीर पानी के अंदर

रूस ने मई 2026 में बड़ा न्यूक्लियर सैन्य अभ्यास शुरू किया है जिसमें मिसाइल सिस्टम, पनडुब्बियां, बॉम्बर्स और बेलारूस समन्वय शामिल है। जानिए इसका नाटो और यूरोप पर क्या असर पड़ सकता है।

भारत का परमाणु दिल: क्यों जादूगोड़ा आज भी भारत की सबसे अहम यूरेनियम बेल्ट है

जादूगोड़ा यूरेनियम बेल्ट

जादूगोड़ा यूरेनियम बेल्ट क्यों भारत की न्यूक्लियर ऊर्जा सुरक्षा, यूरेनियम सप्लाई और रणनीतिक परमाणु कार्यक्रमों के लिए अहम है? जानिए झारखंड, यूसीआईएल, कुदनकुलम और भारत की 2047 न्यूक्लियर रणनीति की पूरी कहानी।

आर्कटिक में पिघलती बर्फ बदल रही है दुनिया की ताकत का नक्शा, रूस-चीन क्यों बढ़ा रहे हैं दबदबा?

आर्कटिक महासागर में पिघलती बर्फ के बीच गुजरता रूसी आइसब्रेकर जहाज, पीछे उभरते नए समुद्री व्यापारिक रास्ते और वैश्विक शक्तियों के बीच बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा को दर्शाता दृश्य।

आर्कटिक में पिघलती बर्फ ने क्यों बढ़ाई वैश्विक चिंता | विश्लेषण दुनिया की बड़ी ताकतों के बीच अब नई होड़ रेगिस्तान या जंगलों में नहीं, बल्कि बर्फ से ढके समुद्रों में शुरू हो चुकी है। जिस आर्कटिक क्षेत्र को कभी इंसानों के लिए लगभग बेकार माना जाता था, वही अब अमेरिका, रूस, चीन और नाटो … Read more

EXPLAINER: होर्मुज संकट के बाद ‘प्रोजेक्ट 75-I’ की रेस तेज: भारतीय नौसेना को क्यों तुरंत चाहिए 6 नई ‘किलर’ पनडुब्बियां?

Strategic illustration of an Indian Navy Project 75-I stealth submarine featuring AIP technology, highlighting the defense race between Mazagon Dock and Larsen & Toubro amidst the 2026 Hormuz crisis.

भारतीय नौसेना के सबसे महत्वाकांक्षी और जरूरी मेगा-डिफेंस प्रोग्राम की—प्रोजेक्ट 75-इंडिया (Project 75-I ) पर विशेष रिपोर्ट

हिंद महासागर का वो वीरान द्वीप, जहां भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर तैयार कर रहे हैं नया चक्रव्यूह

Map showing the strategic location of Cocos Islands geopoltics in the Indian Ocean near the Sunda and Lombok straits.

समंदर के नीचे का रास्ता चीन की न्यूक्लियर पनडुब्बियां जब हिंद महासागर में घुसने की कोशिश करती हैं, तो वो मलक्का से कतराती हैं।

हिंद महासागर में ‘सफेद सोने’ की जंग तेज: 2026 में भारत का ‘मत्स्य 6000’ कैसे तोड़ेगा चीन का अंडरवाटर चक्रव्यूह? (Explained)

The MATSYA 6000 is पॉलीमेटेलिक नोड्यूल्स :India's first manned deep-ocean submersible, designed by the National Institute of Ocean Technology (NIOT) in Chennai under the Deep Ocean Mission's Samudrayaan project. It will carry three humans to a depth of 6,000 meters to explore deep-sea mineral resources like nickel, cobalt, and rare earth metals

वैश्विक महाशक्तियां अब समंदर की 6000 मीटर गहराई में छिपे ‘सफेद सोने’ (पॉलीमेटैलिक नोड्यूल्स) पर कब्ज़ा करने के लिए आमने-सामने हैं। जानिए 2026 में भारत का ‘समुद्रयान’ (मत्स्य 6000) मिशन कैसे हिंद महासागर में चीन की आक्रामक चालों का गेम ओवर करने वाला है।