ईरान की नाकेबंदी तोड़ने के लिए CENTCOM डार्क ईगल हाइपरसोनिक मिसाइल पर जोर क्यों दे रहा है

डार्क ईगल हाइपरसोनिक मिसाइल

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पेंटागन से मध्य पूर्व में सेना की प्रायोगिक “डार्क ईगल” (Dark Eagle) हाइपरसोनिक मिसाइल तैनात करने की मांग की है। यदि इसे मंजूरी मिल जाती है, तो यह पहली बार होगा जब अमेरिका किसी सक्रिय युद्ध क्षेत्र में हाइपरसोनिक हथियारों का इस्तेमाल करेगा। यह मांग, जिसकी जानकारी सबसे पहले बुधवार … Read more

बंगाल का महासंग्राम और असम का चक्रव्यूह; फ्रीबीज, वोटर लिस्ट विवाद और 2026 के एग्जिट पोल का सबसे ‘विस्फोटक’ विश्लेषण

बंगाल चुनाव के एग्जिट पोल में बीजेपी जीत की ओर

29 अप्रैल की शाम 6:30 बजते ही टीवी स्क्रीन्स पर जो आंकड़े फ्लैश हुए हैं, उन्होंने पूर्वी भारत के सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है! 2026 के विधानसभा चुनाव कोई आम चुनाव नहीं हैं; यह कुर्सी, वर्चस्व और साख की ‘करो या मरो’ वाली जंग है।

भारत खाड़ी संबंध क्यों बदल रहे हैं? तेल से आगे ऊर्जा सुरक्षा, प्रवासी भारतीय और व्यापार गलियारे की कहानी

Breathtaking aerial view of Baghdad cityscape with Tigris River, showcasing urban architecture.

भारत खाड़ी संबंध अब सिर्फ तेल खरीदने तक सीमित नहीं रहे। ऊर्जा सुरक्षा, दिल्ली घोषणा-पत्र, आईएमईसी, 90 लाख से ज्यादा प्रवासी भारतीय और बदलती समुद्री रणनीति दिखाते हैं कि खाड़ी अब भारत की विदेश नीति, व्यापार और पश्चिम एशिया संतुलन के केंद्र में आ चुकी है।

पाकिस्तान वार्ता अटकी, अमेरिका ने ईरान से जुड़ा जहाज लौटाया: होर्मुज संकट से भारत की चिंता बढ़ी

Large cargo ship sails through Istanbul's Bosphorus with city skyline in background.

अमेरिका ने अरब सागर में ईरान से जुड़े एमवी सेवन जहाज को रोककर वापस ईरान की ओर लौटा दिया है। पाकिस्तान के रास्ते बातचीत अटकने के बीच यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में नए समुद्री दबाव का संकेत है। भारत के लिए यह संकट तेल, एलएनजी, जहाज बीमा और ऊर्जा लागत से जुड़ी चिंता बढ़ा सकता है।

बर्फ जमी है, रास्ते खुल रहे हैं: भारत-चीन रिश्तों की बदलती तस्वीर

ईरान युद्ध के बीच भारत-चीन रिश्तों में पिघलाव या नई जियोपॉलिटिकल मजबूरी

ईरान युद्ध और होर्मुज़ संकट के बीच भारत-चीन संबंधों में नरमी के संकेत दिख रहे हैं, लेकिन क्या यह सुधार है या नई जियोपॉलिटिकल मजबूरी? जानिए पूरी कहानी।

जिसने परमाणु सीक्रेट दिए, वही अब बिचौलिया बना! ईरान की परमाणु फाइल में पाकिस्तान का कितना नाम?

ईरान की परमाणु कहानी में पाकिस्तान की भूमिका किसी रोमांचक फिल्म जैसी है। कल जिस ए.क्यू. खान नेटवर्क ने ईरान को परमाणु सीक्रेट दिए, आज वही पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच ‘शांतिदूत’ बनकर खड़ा है। क्या पाकिस्तान वाकई ईरान के उस खतरनाक यूरेनियम भंडार पर नियंत्रण करा पाएगा जो दुनिया के लिए सिरदर्द बना हुआ है? पढ़िए इस ऐतिहासिक विडंबना का पूरा विश्लेषण।

होर्मुज में क्रिप्टो ठगी: 16.7 करोड़ में बिक रहा फर्जी सुरक्षित रास्ता!

21 अप्रैल 2026 को समुद्री सुरक्षा फर्म MARISKS ने अलर्ट जारी किया। होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों से ठगों ने बिटकॉइन और टेदर मांगना शुरू किया है। जालसाज खुद को ईरानी सैन्य अधिकारी बताकर फर्जी निकासी संदेश भेज रहे हैं। ध्यान रहे कि ये संदेश आधिकारिक नहीं हैं और इनसे कोई सुरक्षा नहीं मिल रही। … Read more

बंगाल का असली चुनावी गणित:सिर्फ नारों से नहीं, इन आंकड़ों से तय होगी सत्ता

बंगाल विधानसभा चुनाव

बंगाल में सत्ता का फैसला सिर्फ रैलियों की भीड़ से नहीं, बल्कि वोट शेयर, स्विंग, महिला वोटर्स और वोटर लिस्ट के सूक्ष्म गणित से होगा।

आईआरजीसी क्या है: 1979 की इस्लामिक क्रांति से निकला ईरान का सबसे ताकतवर शक्ति ढांचा

आईआरजीसी क्या है: 1979 की इस्लामिक क्रांति से निकला ईरान का सबसे ताकतवर शक्ति ढांचा

आईआरजीसी को सिर्फ ईरान की सेना का हिस्सा समझना गलती होगी। यह 1979 की इस्लामिक क्रांति से निकला वह शक्ति ढांचा है जिसने ईरान की सत्ता, सुरक्षा, प्रॉक्सी नेटवर्क और क्षेत्रीय रणनीति को नई दिशा दी।

डिफेंस में चीन को ‘चेकमेट’: भारत में बनेंगे मिसाइलों और रडार को ताकत देने वाले ‘रेयर अर्थ मैग्नेट’

रेयर अर्थ मैग्नेट, वैश्विक सप्लाई चेन, अमेरिका-जापान साझेदारी और घरेलू विनिर्माण की वह कहानी, जो भारत की अगली रणनीतिक छलांग तय कर सकती है।

भारत डिफेंस आत्मनिर्भरता के उस दूसरे मोर्चे पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, जो मिसाइल के बाहर नहीं, उसके भीतर तय होता है। जानिए रेयर अर्थ मैग्नेट, वैश्विक सप्लाई चेन, अमेरिका-जापान साझेदारी और घरेलू विनिर्माण की वह कहानी, जो भारत की अगली रणनीतिक छलांग तय कर सकती है।