डॉलर = 94 रुपये: क्या है RBI की ‘सीक्रेट’ रणनीति और आपकी जेब पर इसका क्या होगा असर?

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 94 के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार पहुंच गया है। टीवी चैनलों और अखबारों की हेडलाइंस देखकर ऐसा लग रहा है कि इसकी मुख्य वजह 100 डॉलर प्रति बैरल पहुंच चुका कच्चा तेल (Crude Oil) और ईरान का युद्ध है।

“ईरान का ‘टोल’ और धड़ाम हुआ रुपया: मिडिल ईस्ट की जंग से आपकी रसोई तक कैसे पहुँची आग?

कच्चा तेल, होर्मुज का 'टोल' और गिरता रुपया: मिडिल ईस्ट युद्ध का भारत पर असर

संक्षिप्त सार: अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की कोशिशों के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इजरायल के एक बड़े हमले के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों से ‘टोल’ वसूलना शुरू कर दिया है। मिडिल ईस्ट युद्ध का भारत पर असर अब सीधा देखने को मिल रहा है—रुपया ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गया है और सरकार को आम आदमी की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रणनीति बदलनी पड़ रही है।