पूरब में अंडमान, तो पश्चिम में ‘अगालेगा’: मॉरीशस में भारत का सीक्रेट मिलिट्री बेस (Explained)

मॉरीशस के उत्तरी अगालेगा द्वीप पर भारत द्वारा नवनिर्मित 3,000 मीटर की हवाई पट्टी और नेवल जेटी, जो पश्चिमी हिंद महासागर में भारतीय नौसेना की पहुँच को बढ़ाती है।

पूरब में अंडमान की अंडरवाटर वॉल के बाद, अब भारत ने पश्चिम में मॉरीशस के ‘अगालेगा द्वीप’ को एक अभेद्य ‘लिसनिंग पोस्ट’ में बदल दिया है। जानिए 3000 मीटर के इस नए रनवे और नेवल जेटी की इनसाइड स्टोरी।

अंडमान में भारत की ‘अंडरवाटर वॉल’: जानिए क्या है SOSUS नेटवर्क, जिससे खौफ खाती हैं चीनी पनडुब्बियां? (Explained)

अंडमान अंडरवाटर वॉल : A highly detailed 3D geopolitical illustration depicting India's SOSUS 'Underwater Wall' in the Andaman Sea. The image shows a glowing blue underwater sensor network (hydrophone array) on the seabed detecting a stealthy red Chinese submarine. Above the surface, the Indian Navy's P-8I maritime patrol aircraft and a stealth frigate are actively monitoring the threat. Indian and Chinese flags are shown clashing in the background, symbolizing the maritime standoff. Feature image for The Eastern Strategist."

चीन की परमाणु पनडुब्बियों को मलक्का में ही घेरने के लिए भारत ने अंडमान सागर में एक अभेद्य ‘अंडरवाटर वॉल’ (SOSUS) तैयार कर ली है। जानिए समंदर के नीचे बिछा यह ‘फिश हुक’ सेंसर नेटवर्क कैसे काम करता है और क्यों इससे ड्रैगन खौफ में है।

मिशन दृष्टि: भारत का ‘तीसरा नेत्र’, जो रात और बादलों में भी सब कुछ देख सकता है

मिशन दृष्टि सैटेलाइट से भारत के प्राइवेट सेक्टर की अंतरिक्ष में बड़ी छलांग

मिशन दृष्टि सैटेलाइट से भारत के प्राइवेट सेक्टर ने अंतरिक्ष में बड़ी छलांग लगाई है…पहले जब भी स्पेस की बात होती थी तो सबसे पहले इसरो (ISRO) का नाम आता था लेकिन मिशन दृष्टि के साथ तस्वीर बदलती नजर आ रही है। पहली बार किसी भारतीय स्टार्टअप ने ऐसा सैटेलाइट तैयार किया है जो दिन-रात और हर मौसम में पृथ्वी की निगरानी कर सकता है।

क्यूबा-अमेरिका संकट 2026: द ईस्टर्न स्ट्रैटेजिस्ट

क्यूबा संकट 2026 और अमेरिका की भौगोलिक स्थिति दिखाने वाला नक्शा, 150 किमी की दूरी और रणनीतिक महत्व का विवरण।

अमेरिका यह संदेश दे रहा है कि वह ‘रेड लाइन’ क्रॉस करने को तैयार है। जिओपॉलिटिक्स में ऐसी सिग्नलिंग का असर अक्सर घातक होता है

छोटी पनबिजली योजना क्या है? ऊर्जा अनिश्चितता के बीच भारत की नई चाल

A breathtaking view of a dam amidst a serene alpine landscape with snow-capped mountains.

भारत ने छोटी पनबिजली योजना के जरिए 1,500 मेगावॉट नई क्षमता जोड़ने का लक्ष्य रखा है। आसान भाषा में समझिए कि यह योजना क्या है, पहाड़ी और दूरदराज इलाकों को कैसे फायदा दे सकती है और ऊर्जा सुरक्षा के दौर में भारत के लिए क्यों अहम है।

आईआरजीसी क्या है: 1979 की इस्लामिक क्रांति से निकला ईरान का सबसे ताकतवर शक्ति ढांचा

आईआरजीसी क्या है: 1979 की इस्लामिक क्रांति से निकला ईरान का सबसे ताकतवर शक्ति ढांचा

आईआरजीसी को सिर्फ ईरान की सेना का हिस्सा समझना गलती होगी। यह 1979 की इस्लामिक क्रांति से निकला वह शक्ति ढांचा है जिसने ईरान की सत्ता, सुरक्षा, प्रॉक्सी नेटवर्क और क्षेत्रीय रणनीति को नई दिशा दी।

अमेरिका पीछे, दुनिया अकेली? ट्रंप के बयान से हॉर्मुज संकट में नई दरार

‘अपना तेल खुद संभालो’ वाले संकेत ने सहयोगियों, बाजारों और ऊर्जा सुरक्षा की राजनीति पर नया दबाव डाल दिया है

ईरान-अमेरिका तनाव में पाकिस्तान की मध्यस्थता कितनी असली, भारत क्यों दूर है

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता कितनी असली है? जानिए भारत क्यों दूरी बनाए हुए है, चाबहार, हॉर्मुज और ऊर्जा सुरक्षा पर इसके क्या मायने हैं।

अमेरिका और ईरान की दुश्मनी की असली वजह क्या है? जानें 1953 से 2026 तक का पूरा इतिहास और भारत पर इसका असर

अमेरिका और ईरान के बीच दशकों पुरानी दुश्मनी का कारण क्या है? 1953 के तख्तापलट से लेकर 2026 के महायुद्ध, परमाणु बम विवाद और भारतीय अर्थव्यवस्था (कच्चे तेल और शेयर बाजार) पर इसके असर को आसान भाषा में समझें।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य क्या है और क्यों यहां का तनाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था हिला देता है ?

जब खाड़ी देशों (Gulf) में तनाव बढ़ता है, तो पानी का एक बेहद संकरा गलियारा पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था का ‘प्राइसिंग इंजन’ बन जाता है। यह कच्चे तेल की कीमतों को आसमान पर पहुँचा देता है, वैश्विक शिपिंग के रास्ते बदल देता है और कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा लेता है।