युद्ध का ‘अदृश्य’ व्यापार: कैसे ‘मेड इन इंडिया’ बारूद पलट रहा है दुनिया के युद्धों का पासा?
अक्सर निवेशक युद्ध के दौरान केवल उन चेहरों को देखते हैं जो सबसे ज्यादा चमकते हैं—जैसे कच्चे तेल की कीमतें, लड़ाकू विमान बनाने वाली कंपनियाँ या कूटनीतिक हलचलें। लेकिन आधुनिक संघर्षों का एक ‘अदृश्य सच’ भी है। युद्ध केवल हेडलाइन्स से नहीं जीते जाते, बल्कि वे गोलों (Shells), प्रणोदकों (Propellants), रॉकेट मोटरों और विस्फोटकों की उस औद्योगिक क्षमता पर टिके होते हैं, जो दुनिया भर में मांग बढ़ने पर अक्सर कम पड़ जाती है।