ईरान में फंसा ‘शिकारी’, अमेरिका ने कैसे निकाला? F-15 क्रैश के बाद की वो रात जिसने पेंटागन की सांसें अटका दी थीं!
F-15 क्रैश, दुश्मन का इलाका, और एक रोंगटे खड़े कर देने वाला रेस्क्यू! पढ़िए इस सदी के सबसे सनसनीखेज ऑपरेशन की इनसाइड स्टोरी!
रात का गहरा अंधेरा… ईरान की वो खौफनाक, अनजान और बर्फीली पहाड़ियां… और वहां फंसा एक अकेला अमेरिकी जांबाज! यह कोई हॉलीवुड थ्रिलर का सीन नहीं है, बल्कि यह वो खौफनाक सच है जिसने व्हाइट हाउस से लेकर पेंटागन तक की सांसें अटका दी थीं। उसका F-15 फाइटर जेट मलबे में तब्दील हो चुका था। साथी पायलट किसी तरह निकल गया, लेकिन यह वेपंस-सिस्टम ऑफिसर (WSO) बिल्कुल अकेला, दुश्मन की मांद में फंस गया था!
अब सवाल यह था—पहले कौन पहुंचेगा? क्या अमेरिका अपने ‘शेर’ को बचा पाएगा, या ईरान उसे अपना मोहरा बना लेगा? डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इसे अमेरिकी सैन्य इतिहास के “सबसे साहसी” रेस्क्यू ऑपरेशन्स में से एक बताया है। लेकिन रॉयटर्स की रिपोर्टिंग के पन्नों में जो दर्दनाक और खौफनाक सच छिपा है, वो आपको हैरान कर देगा!
बंधक बनाने की सबसे बड़ी साजिश?
ज़मीन पर एक अदृश्य और खौफनाक दौड़ चल रही थी! क्या आपको लगता है कि ईरान सिर्फ एक क्रैश हुए पायलट को ढूंढ रहा था? बिल्कुल नहीं! रॉयटर्स के मुताबिक, तेहरान ने अपने नागरिकों से तक अपील कर दी थी कि इस अमेरिकी को खोज निकालो। सोचिए उस मंज़र को! पूरा देश एक आदमी को ढूंढ रहा था।
अगर वह ईरानी सेना के हाथ लग जाता, तो यह सिर्फ एक सैनिक की गिरफ्तारी नहीं होती—यह अमेरिका के लिए सबसे बड़ा हॉस्टेज क्राइसिस (Hostage Crisis) बन जाता! वाशिंगटन के लिए यह सिर्फ एक जान बचाने का नहीं, बल्कि अपनी ग्लोबल नाक बचाने का मिशन बन चुका था।
पहाड़ों में ‘लुका-छिपी’ का जानलेवा खेल!
अब ज़रा उस एयरमैन की जगह खुद को रखकर सोचिए। हर तरफ दुश्मन… जानलेवा पहाड़ी इलाका…। रिपोर्टिंग यह नहीं बताती कि वो किसी गुफा में था या चट्टान के पीछे, लेकिन “ईरान के खतरनाक पहाड़ों” में उसका सबसे बड़ा हथियार बंदूक नहीं, बल्कि खामोशी थी! एक छोटी सी हरकत, खुली जगह में एक कदम, और सीधा मौत! इन पहाड़ों ने उसके लिए दुश्मन का भी काम किया और ढाल का भी।
आसमान से उतरी फौज: द अल्टीमेट रेस्क्यू!
और फिर शुरू होता है वो एक्शन जो रोंगटे खड़े कर दे! यह कोई एक हेलिकॉप्टर का काम नहीं था। दर्जनों मिलिट्री एयरक्राफ्ट ने ईरान के आसमान को चीर दिया!
- ➤ Locate! (तलाश करो)
- ➤ Protect! (सुरक्षा दो)
- ➤ Move! (आगे बढ़ो)
- ➤ Extract! (बाहर निकालो)
हर एक सेकंड मौत दस्तक दे रही थी। और सबसे बड़ा खुलासा सुनिए! रॉयटर्स के मुताबिक, इस एयरमैन को ईरान के अंदर ही खड़े एक ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट तक लाया गया। और वहां क्या हुआ? अमेरिका को अपना ही एक एयरक्राफ्ट तबाह करना पड़ा! जी हां, मशीन में खराबी आई और दुश्मन के हाथ लगने से पहले अमेरिकी फोर्सेस ने अपने ही करोड़ों के विमान को खाक में मिला दिया! इसे कहते हैं युद्ध का असली और क्रूर चेहरा।
ब्लैक हॉक पर सीधा हमला!
अगर आपको लगता है कि यह कोई ‘क्लीन’ ऑपरेशन था, तो आप गलत हैं! यह रास्ता खून और बारूद से सना था।
- सर्च में लगे दो ब्लैक हॉक (Black Hawk) हेलिकॉप्टर्स पर ईरान ने ताबड़तोड़ फायरिंग की! हालांकि वो किसी तरह बच निकले।
- इतना ही नहीं, আমেরিকা का एक A-10 एयरक्राफ्ट भी हमले का शिकार हुआ और उसके पायलट को इजेक्ट (Eject) करने पर मजबूर होना पड़ा!
क्या सीआईए (CIA) का कोई खुफिया मास्टरप्लान था? क्या कोई सीक्रेट सेफ हाउस था? रॉयटर्स ने इसका कोई खुलासा नहीं किया है, लेकिन स्पीड, एयर पावर और दुश्मन को कंफ्यूज करने की जो चाल अमेरिका ने चली, वो किसी जेम्स बॉन्ड फिल्म से कम नहीं थी।
जीत अमेरिका की, लेकिन वॉर्निंग ईरान की!
अगर ईरान इस एयरमैन को पकड़ लेता, तो ट्रंप प्रशासन के लिए घरेलू राजनीति में भूचाल आ जाता। लेकिन कहानी का सबसे कड़वा सच क्या है?
ट्रंप भले ही इसे ‘अमेरिकी एयर डोमिनेंस’ का सबूत मानें, लेकिन रॉयटर्स की रिपोर्ट एक खौफनाक चेतावनी दे रही है। ईरान ने बार-बार अमेरिकी एयरक्राफ्ट्स को हिट किया है! अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के पास अब भी मिसाइल और ड्रोन की खतरनाक ताकत बची हुई है।
अमेरिका अपने फंसे हुए एयरमैन को ईरान के मौत के कुएं से जिंदा खींच लाया! लेकिन इस रोंगटे खड़े कर देने वाले रेस्क्यू ने पूरी दुनिया को एक मैसेज दे दिया है—तेहरान अभी इतना टूटा नहीं है कि अमेरिकी आसमान-राज को बिना चुनौती मान ले! खेल अभी बाकी है!