क्या नाटो टूटने वाला है?
ईरान युद्ध की आग ने नाटो (NATO) और डोनाल्ड ट्रंप के बीच अब तक की सबसे बड़ी दरार पैदा कर दी है। ट्रंप ने खुली धमकी दी है। जानिए कैसे अमेरिका का नाटो से हटना दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की तरफ धकेल सकता है।
ईरान युद्ध की आग ने नाटो (NATO) और डोनाल्ड ट्रंप के बीच अब तक की सबसे बड़ी दरार पैदा कर दी है। ट्रंप ने खुली धमकी दी है। जानिए कैसे अमेरिका का नाटो से हटना दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की तरफ धकेल सकता है।
युद्धविराम के बाद तेल में राहत और शेयर बाजार में जोरदार उछाल दिखा है, लेकिन होर्मुज से लेकर भारत की ऊर्जा सुरक्षा तक अनिश्चितता अभी खत्म नहीं हुई है.
महायुद्ध पर ‘सुपर-ब्रेक’! अमेरिका-ईरान में सीजफायर, क्रूड ऑयल धड़ाम… भारतीय शेयर बाजार में ‘रॉकेट’ वाली तेजी ट्रंप की 48 घंटे वाली चेतावनी के बाद मिडिल-ईस्ट का गेम पलट गया है। होर्मुज का चोकपॉइंट खुल रहा है, तेल के दाम 14% तक क्रैश हो चुके हैं और दलाल स्ट्रीट पर निवेशकों की चांदी हो गई है। … Read more
ब्रेकिंग न्यूज़: होर्मुज जलडमरूमध्य पर रूस और चीन का ‘वीटो’ Super Exclusive ब्रेकिंग न्यूज़ युद्ध का 39वां दिन: अमेरिका-इजराइल बनाम ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर रूस और चीन का ‘वीटो’, ट्रम्प की महाविनाशक धमकी- ‘आज रात मिट जाएगी ईरान की सभ्यता’ डेटलाइन: वॉशिंगटन डीसी / संयुक्त राष्ट्र / तेहरान मध्य पूर्व में जारी महायुद्ध के बीच … Read more
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध के मुहाने पर खड़ी है? या फिर विनाश के इस खौफनाक दरवाजे से कोई कूटनीतिक रास्ता निकलेगा?
दुनिया एक भयंकर तबाही के मुहाने पर खड़ी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना आपा खो दिया है और ईरान को अब तक की सबसे खौफनाक धमकी दे डाली है।
ईरान की खौफनाक पहाड़ियों में गिरे अमेरिकी F-15 के पायलट का रोंगटे खड़े कर देने वाला रेस्क्यू। जानिए कैसे अमेरिका ने अपने जांबाज को दुश्मन के इलाके से निकाला।
IRGC के हाथ लगने से ठीक पहले US डेल्टा फोर्स का अचूक रेस्क्यू… ईरान में रचा गया सबसे बड़ा एस्केप प्लान!
महायुद्ध के छठे हफ्ते में दुनिया ने वो देखा जिसकी वाशिंगटन ने कभी कल्पना भी नहीं की थी! अमेरिका का ‘एयर सुपीरियरिटी’ (हवा में दबदबा) का दावा ईरान के आसमान में धुआं-धुआं हो गया है। ईरान और खाड़ी के ऊपर अमेरिका के दो जंगी जहाज (Warplanes) मार गिराए गए हैं।
‘अपना तेल खुद संभालो’ वाले संकेत ने सहयोगियों, बाजारों और ऊर्जा सुरक्षा की राजनीति पर नया दबाव डाल दिया है