ईरान के सीने पर अमेरिका का महा-ऑपरेशन… मौत के मुंह से ज़िंदा निकाला गया पायलट!
“IRGC के हाथ लगने से ठीक पहले US डेल्टा फोर्स का अचूक रेस्क्यू… ईरान में रचा गया सबसे बड़ा एस्केप प्लान!”
महायुद्ध के छठे हफ्ते में दुनिया ने वो देखा जिसकी वाशिंगटन ने कभी कल्पना भी नहीं की थी! अमेरिका का ‘एयर सुपीरियरिटी’ (हवा में दबदबा) का दावा ईरान के आसमान में धुआं-धुआं हो गया है। ईरान और खाड़ी के ऊपर अमेरिका के दो जंगी जहाज (Warplanes) मार गिराए गए हैं।
लेकिन इस बीच जो सबसे बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आ रही है, उसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है! जिस अमेरिकी पायलट के ईरान की ज़मीन पर लापता होने से वाशिंगटन में हड़कंप मचा था, उसे अमेरिकी कमांडोज़ ने दुश्मन के जबड़े से सुरक्षित निकाल लिया है। इस रेस्क्यू ऑपरेशन ने ईरान के सबसे बड़े मंसूबे पर पानी फेर दिया है।
युद्ध का सबसे खौफनाक फेज़: हवा में राख हुआ था अमेरिका का दावा!
अमेरिका लगातार दुनिया को यह भरोसा दिला रहा था कि ईरान के आसमान पर उसका पूरा कब्ज़ा है। लेकिन ईरान ने दो अमेरिकी फाइटर जेट्स को मार गिराकर इस दावे की धज्जियां उड़ा दी थीं। अमेरिकी सेना ने आधिकारिक तौर पर कबूल किया है कि अलग-अलग घटनाओं में उनके दो विमान क्रैश हुए।
ऑपरेशन ‘एंजेल विंग्स’: ऐसे हुआ ईरान की धरती पर सबसे बड़ा रेस्क्यू!
पायलट ने जिस पल इजेक्ट (Eject) किया था, उसी पल से ईरान के मध्य इलाकों में एक खौफनाक ‘हंट’ (Hunt) शुरू हो गई थी। ईरान की खूंखार सुरक्षा बलों ने चप्पे-चप्पे पर जाल बिछा दिया था ताकि अमेरिकी ‘रेस्क्यू टीम’ के पहुँचने से पहले उस पायलट को ज़िंदा पकड़ा जा सके।
लेकिन इससे पहले कि IRGC के लड़ाके उस तक पहुँच पाते, अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज (संभवतः डेल्टा फोर्स) ने रात के अंधेरे में एक ‘कवर्ट ऑपरेशन’ को अंजाम देते हुए अपने जांबाज को एयरलिफ्ट कर लिया।
🛡️ आगे क्या होगा इसका अंजाम?
राहत की सांस
बंधक संकट टलने से अमेरिका को बड़ी कूटनीतिक राहत मिली है, अब वाशिंगटन खुलकर एक्शन ले सकेगा।
बाज़ार में हाहाकार
मिडिल-ईस्ट में तनाव अभी भी पीक पर है, कच्चे तेल की आपूर्ति पर लगातार खतरा मंडरा रहा है।
जवाबी हमले की तैयारी
पायलट सुरक्षित है, इसका मतलब अब अमेरिका बिना किसी डर के ईरान पर ‘विनाशकारी’ एयरस्ट्राइक कर सकता है।
हाई अलर्ट
इसराइल से लेकर पूरी खाड़ी के देशों की सेनाएं ‘रेड-अलर्ट’ पर!
हॉर्मुज जलडमरूमध्य: दुनिया की अर्थव्यवस्था की ‘शह रग’
भले ही पायलट मिल गया हो, लेकिन हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट के बादल अब भी गहरे हैं। दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल यहीं से होकर गुजरता है।
तनाव का असर: यदि ईरान इस रास्ते को ब्लॉक करने की धमकी देता है या यहां युद्ध की स्थिति बनती है, तो कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हो जाएगी। पेट्रोल-डीजल की कीमतें रातों-रात आसमान छू सकती हैं।
ट्रंप का एक्शन मोड: 48 घंटे का अल्टीमेटम बरकरार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान को जो 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, वह अब भी लागू है। अब जब अमेरिकी सेना के पास खोने को कुछ नहीं है (पायलट की वापसी के बाद), तो वाशिंगटन का अगला कदम और अधिक खूंखार हो सकता है।
पेंटागन का ‘प्लान ऑफ एक्शन’:
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मिशन अकॉम्प्लिश्ड (रेस्क्यू): पायलट को दुश्मन की ज़मीन से सुरक्षित निकाला गया।
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विनाशकारी एयरस्ट्राइक: ईरान को डराने और उसके हमलों को रोकने के लिए ताबड़तोड़ हवाई हमले की तैयारी।
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नेवल ब्लॉकेड: खाड़ी में अमेरिकी जंगी बेड़े की आक्रामक तैनाती ताकि ईरान को घेरा जा सके।